//सब संबंध तुम्ही से हैं – A Poem by Lokesh Kumar

सब संबंध तुम्ही से हैं – A Poem by Lokesh Kumar

गीत ग़ज़ल में चक्षुजल में
भाव तुम ही हो हर्फ़ तुम ही हो।
गीत नही ये हैं चित्र तुम्हारा
हर अक्षर में सिर्फ़ तुम ही हो।

 

मैं लिखूं वेदना लिखूं ठहाकें
मेरा हर छन्द तुम्ही से हैं।
तुमसे कोई संबंध नही पर
सब संबंध तुम्ही से हैं।।

 

खुशियों की साझेदारी कर
ग़म दोनो मिलकर सहते हैं।
मेरी पीड़ा से हो व्याकुल
तेरे आँसू बहते हैं।
तेरे ही करतल में अंकित
मेरी भाग्य रेखाएँ हैं।
तुमसे ही उदित मेरे रात दिवस
तुमसे ही दसों दिशाएँ हैं।

 

तन मन में उलझे प्राणों की
निश्छल सौगंध तुम्ही से हैं।
तुमसे कोई संबंध नही पर
सब संबंध तुम्ही से हैं।।

 

रवि के आतप से धरा तपे
बन विटप मैं छाँव वहाँ रख दूँ।
कंटक हो राह में तेरे जहाँ
पहले मैं पाँव वहाँ रख दूँ।
भले सौंप दिया हो परस्पर पर
रिश्तें को नाम मिलेगा नहीं।
इस युग में भी राधिका को
उसका घनश्याम मिलेगा नहीं।

 

बंशी में मोहन की राधा
मधु मकरंद तुम्ही से हैं।
तुमसे कोई संबंध नहीं पर
सब संबंध तुम्ही से हैं।

 

हैं तुमसे कोई गिला नही
मेरा ही भाग्य अकिंचन हैं
आशाओं को जीवन भेंट किया
किंतु पाया सदा प्रवंचन हैं
औषधि स्वयं दे घाव यदि,
यह मृदुल गात आभारी हैं।
सागर के आँसू पी कर ही
नदियाँ अब हो गयी खारी हैं।

 

हंस हंस कर आँसू पीने का
शाश्वत आनंद तुम्ही से हैं।
तूमसे कोई संबंध नही पर
सब संबंध तुम्ही से हैं।।

About the Author

Name: Lokesh Kumar
About

कवि लोकेश कुमार एक छोटे से गाँव खेड़ा सामोर(आसपुर) से हैं
जिन्होंने कृषि विज्ञान में स्नातक एवं व्यवसाय प्रबंधन का अध्ययन किया हैं।साहित्यिक रचनाओं में प्रारंभ से रूचि होने के कारण भिन्न संकाय का विद्यार्थी होने पर भी हिंदी से भिन्न नही हो सके
वर्तमान में उदयपुर में विभिन्न कृषि शिक्षण संस्थानों में कृषि का अध्यापन कर रहे हैं

Lokesh Kumar
Lokesh Kumar
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सब संबंध तुम्ही से हैं - A Poem by Lokesh Kumar
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सब संबंध तुम्ही से हैं - A Poem by Lokesh Kumar
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कवि लोकेश कुमार एक छोटे से गाँव खेड़ा सामोर(आसपुर) से हैं जिन्होंने कृषि विज्ञान में स्नातक एवं व्यवसाय प्रबंधन का अध्ययन किया हैं।साहित्यिक रचनाओं में प्रारंभ से रूचि होने के कारण भिन्न संकाय का विद्यार्थी होने पर भी हिंदी से भिन्न नही हो सके वर्तमान में उदयपुर में विभिन्न कृषि शिक्षण संस्थानों में कृषि का अध्यापन कर रहे हैं
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Dungarpur Darbaar
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