//The Man Behind Making Dungapur as The City of Dreams – KK Gupta

The Man Behind Making Dungapur as The City of Dreams – KK Gupta

डूंगरपुर नगरपरिषद के सभापति श्रीमान के.के.गुप्ता द्वारा अपने शहर को मात्र 6 महीने में खुले से शौच मुक्त बनाकर प्रदेश का पहला ओडीएफ शहर बनाया और प्रदेश की सबसे स्वच्छ शहर का भी अवार्ड हासिल किया,मुख्यमंत्री महोदया वसुन्दरा राजे सिंधिया ने श्री गुप्ता के जुनून और दृढ इच्छा शक्ति को देखते हुए इन्हें स्वच्छ राजस्थान का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया

श्री गुप्ता को 22 जनवरी 2017 को ये तमगा हासिल हुआ और साथ में ये जिम्मेदारी भी मिली की श्री गुप्ता प्रदेश के सभी जिलो में जाकर प्रदेश की सभी नगर निकायों को स्वच्छता का सन्देश देंगे,श्री गुप्ता ने ब्रांड एम्बेसडर रहते हुए मात्र 2 महीने में प्रदेश की सभी निकायों को स्वच्छता के बिन्दुओ को विस्तृत से बताते हुए उन्हें अपनी अपनी निकायों में लागू करने को कहा,वही श्री गुप्ता ने अपने डूंगरपुर शहर में किये गए नवाचारों से अवगत कराया

Gaib Sagar Lake Night View

हिलसिटी डूंगरपुर बन रही है ‘ड्रिम सिटी’

कभी सूरज ढलने के साथ ही सो जाने वाला डूंगरपुर अब रोशनी से लकदक होकर देर रात तक जागता है। हर आम रास्ते, बाजारों, बाग-बगीचों, गलियों हर जगह देर रात तक चहल-पहल है…..हलचल है…। शहर की शान गेपसागर हो चाहे बादल महल, फतेहगढ़ी हो चाहे जूना महल, साबेला बाईपास हो चाहे सारणेश्वर, नानाभाई पार्क हो चाहे सुभाष पार्क, मोक्षधाम हो चाहे लक्ष्मण मैदान, आदर्श नगर लिंक रोड़ हो चाहे कलेक्ट्री रोड़…….हर एक जगह की तस्वीर बदली-बदली सी है। पिछले दस माहों पहले यह सारी जगहें किसी गांव-देहात से भी बदतर थी।

संकड़ी सड़कें, सूखी राहें, वीरान बगीचें, सुनसान चैराहे, गंदी गलियां, कीचड़ भरी नालियां, हर एक जगह इस शहर को गंवाई शहर बनाती थी। अव्यवस्थाओं के बाजार में उमड़ने वाली भीड़ इसे हाट बाजार का स्वरूप देती प्रतीत होती थी। रात को गलियां तो क्या, मुख्य मार्गों तक अंधेरे का साम्राज्य था। हर जगह घुप्प अंधेरे में लोग अंधेरा ढले बाहर निकलने तक को डरते थे।

Gaib Sagar ki Pal

साढ़े सात सौ वर्षों पुरानी विरासत और शहर के बीच लबालब भरी झील और प्रकृति की अकूत संपदा के बावजूद अनदेखी व उपेक्षा के आलम से शापित शहर की पीड़ा भोग रहे डूंगरपुर में रहने वाला और बाहर से आने वाला हर व्यक्ति अपनी किस्मत को कौसता था। लगता ही नहीं था कि डूंगरपुर कोई शहर है।

बदली सूरत और सीरत के सूत्रधार बने सभापति के.के.गुप्ता

किसी भी शहर में निवास करने वाला व्यक्ति के मन मस्तिष्क पर अपने शहर की सूरत को लेकर एक सपना संजोया होता है। सपनों का शहर यानि ड्रिम सिटी। डूंगरपुर के लिए भी हर शहरवासी के लिए सपना था जो अब तक कल्पनाओं में ही था परंतु गत 2 सितंबर 2015 को श्री के.के.गुप्ता ने नगरपरिषद सभापति को पदभार संभाला तो मानों शहर की वर्षों पुराने सपनों को साकार होने की उम्मीदें जगी।

वर्षों पुरानी उम्मीदों को भी गुप्ताजी के रूप में जैसे आधार मिल गया। शहर के जाये-जन्में हर व्यक्ति के ऐसे सपनों को पूरा करने के लिए पहले ही दिन से प्रयास प्रारंभ हुए और आज दस माहों में शहर की सूरत ही बदल गई है।

Dungarpur Night View

अब लग रहा है कि उपेक्षा के आलम से शापित शहर की पीड़ा भोग रहे डूंगरपुर शहर रूपी अहिल्या को के.के.गुप्ता के रूप में राम मिल गए हैं।

कम शब्दों में कहें तो देश-प्रदेश में हिलसिटी यानि डूंगरों के शहर के रूप में जाना-पहचाने जाने वाला हमारा यह डूंगरपुर शहर अब धीरे-धीरे ड्रिम सिटी बनने की ओर अग्रसर है।